ॐ ☼.•*""*•.¸ ☼ साईं ☼.•*""*•.¸ ☼ राम ☼.•
गुरुदेव मेरे तुमको भक्तो ने पुकारा है
आओ अब आ जाओ एक तेरा सहारा है ॥
है चारों तरफ छाया मेरे घोर अंधेरा है
हम जाएँ कहाँ बोलो तूफानों ने घेरा है
हे नाथ अनाथों को तेरा ही सहारा है ॥
मझधार पड़ी नैया डगमग डोला खाए
मिल जाओ हमें आ कर हम भव से तर जाएँ
बिन तेरे कहीं जग में एक पल भी गुजारा है ॥
तेरे इन चरणों की धूलि ही जो मिल जाए
भटके हुए राही को निज मंजिल मिल जाए
किस्मत ही चमक जाए ज्यूँ चमके सितारा है ॥

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